Friday, November 30, 2007

होटल मे खाना

पहले, जो अमरीकी लोग मेरे ब्लोग पड़ते है-- आज और कल बहुत बरफ पड़ने वाली है। कई समाचारपत्रों मे लिखा था कि बिजली भी जा सकती है। जिनको नहीं पता वह शायद हस रहे होंगे। दुनिए के कई जगाओं मे बिजली अक्सर जाती रहती है। लेकिन अमरीका मे बहुत सर्दी हो रही है और हीटर और पानी भी बिजली के ना होने से ही चलते हैं। तो सब को तय्यारी करने चाहिए। मैं अपनी मोबायल को तय्यार रखूंगी।
मैं आज होटल मे खाना खाने के अनुभव के बारे मे बात करूंगी। एक जगह जो मुझे सब से अच्छा लगता है, मैं पहले अपने माता-पिता के साथ ही गयी हूँ। और जब गयी हूँ हमेशा जल्द खाना लाते हैं। लेकिन आज उनको तकरीबन घंटा लग गया। उस ने बहुत माफी मांगी लेकिन मुझे बुरा लगा मैं अपने माता-पिता के दोस्त के बेटी, जो अभी मेरे घर पर ठहरी हुई है, उसे वहाँ ले गयी थी। मैंने बहुत गर्व से कहा था कि यह जगह खास है। दाम कम हैं, खाना अच्छा है, और सर्विस बहुत अच्छी है। और आज ही यह हुआ। मैंने कुछ इस के बारे मे बात किया। उसने कहा अक्सर यह छोटों के साथ होता है। तुम पहले अपने माँ-बाप के साथ आए होगे। अगर ऐसे वक़्त लगा और माँ-बाप होता वह बहुत उतेजित होते। हमे थोडा बुरा लगा लेकिन हम बात करके समय बिता रहे थे। तो उन्होने सोचा होगा शुक्रवार है, बहुत लोग हैं, बडे दंतेंगे, यह लड़किया जाने देंगी। कईं लोगों यह भी मानते हैं कि बच्चे उधार कम देतें हैं। लेकिन मैं हमेशा १२ और पंद्रह प्रतीषद के बीच मे देती हूँ, और दीदी ने तकरीबन बीस प्रतीषद दीए। तो उनका यह मानना गलत है कि बच्चे हमेशा कम उधार देंगे यह मस्ती करेंगे।

1 comment:

आलोक said...

c/हस/हँस
c/दुनिए/दुनिया
c/जगाओं/जगहों
c/उतेजित/उत्तेजित
c/थोडा/थोड़ा
दंतेंगे ?
c/उधार/बक्शीश (गलत शब्द)
c/प्रतीषद/प्रतिशत